बहराइच : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मतगणना के तीसरे दिन परिणाम की तस्वीर देर शाम साफ हुई। 63 जिला पंचायत सदस्यों का परिणाम घोषित किया गया है, इसमें सपा व कांग्रेस को झटका लगा है। भाजपा उम्मीद के हिसाब से समर्थित प्रत्याशी जिताने में सफल नहीं रही तो सपा ने आधी सीट जीतकर जनता का खोया जनाधार हासिल करने में सफल रही। जिले में 63 जिला पंचायत वार्डों के लिए 29 अप्रैल को चुनाव का मतदान कराया गया था। दो मई से शुरू हुई मतगणना 72 घंटे बाद मंगलवार को पूरी हो गई। इसमें 23 सीटों पर सपा के समर्थित प्रत्याशी जीते हैं। 16 पर भाजपा कामयाब रही। निर्दलीय प्रत्याशियों को इस चुनाव में जनता का साथ मिला है। यहां तक कि विभिन्न पार्टियों से टिकट न मिलने पर चुनाव लड़े कई प्रत्याशियों ने अपनी ही पार्टी के दिग्गजों को मात दिया है।
मुकेश पांडेय, बहराइच : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सियासी दलों को आइना दिखा गया। चुनाव में निर्दलीयों के आगे सियासी दलों के मजबूत उम्मीदवार पस्त हो गए। यहां तक की जिले की सियासत में सबसे मजबूत मानी जा रही भाजपा न तो ठीक से कमल खिला सकी और न ही साइकिल अपेक्षा के अनुरूप रफ्तार भर सकी। बसपा को महज उपस्थिति दर्ज कराने भर को सीटें मिल सकी हैं, जबकि कांग्रेस रणनीतिकारों के लिए चुनाव फिर गहरा जख्म दे गया। जिला पंचायत की 63 सीटों के लिए हुए पंचायत चुनाव की तस्वीर अब लगभग साफ हो चुकी है। सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने वाली भाजपा को महज 16 सीटों पर जीत मिल सकी है। जाहिर सी बात है कि इतनी कम संख्या में सदस्य जीतने से भाजपा खेमा निराशा के भंवर में गोते लगा रहा है। कई स्थानों पर रीकाउंटिग भी कराई, लेकिन उसका भी कोई खास लाभ नहीं हुआ। भाजपा के कई मजबूत उम्मीदवारों को जनता ने नकार दिया, जबकि पार्टी ने बूथ स्तर पर चुनावी रणनीति बनाई थी। समाजवादी पार्टी को इस चुनाव में थोड़ी सी ही बढ़त मिली। उसके 23 उम्मीदवार चुनाव मैदान फतह करने में कामयाब रहे। ..लेकिन वह भी अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने के लिए आवश्यक बहुमत से काफी दूर रह गई है।
बहराइच : मेडिकल कॉलेज में सोमवार देर रात मरीज को लेकर आए तीमारदारों ने दबंगई दिखाते हुए चिकित्साकर्मियों के साथ मारपीट की। आरोप है कि अभिलेखों को फाड़ दिया गया। मौके पर मौजूद चिकित्साकर्मी जान बचाकर भाग खड़े हुए। घटना से आक्रोशित चिकित्साकर्मियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इससे वार्डों में भर्ती कोविड मरीजों के साथ दूसरे मरीजों को परेशानी होने लगी। सूचना मिलते ही नगर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक उपद्रवी फरार हो चुके थे। कोतवाल ने आक्रोशित चिकित्सा कर्मियों को समझाया। इसके बाद मरीजों का उपचार शुरू हुआ। मामले में पांच नामजद व 30 अज्ञात दबंगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।